अनुज का जबरन खतना कराकर पढ़वाई नमाज! बना दिया नूर मोहम्मद

आजमगढ़
 उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ जिले के रहने वाले एक किशोर को पहले बहला फुसलाकर बाराबंकी ले जाया गया। फिर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। उसका खतना कराकर उससे नमाज पढ़वाई गई। इसका खुलासा उस समय हुआ जब पीड़ित किशोर अपना बयान दर्ज कराने के लिए आजमगढ़ के किशोर न्याय बोर्ड के आफिस पहुंचा। इस मामले में बाराबंकी में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

बाराबंकी में यह तहरीर विनय सिंह राजपूत ने दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह अपने सहयोगी बृजेश कुमार वैश्य, जिलाध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद, बाराबंकी के साथ निजी कार्य से बाराबंकी में घूम रहे थे। जब वे पल्हरी चौराहे के पास स्थित हिंद मेडिकल स्टोर के पास खड़े थे, तभी एक लड़का आया, जिसने अपना नाम नूर मोहम्मद बताया और कहा कि वह अतरौलिया, आजमगढ़ का रहने वाला है। फिर उसने अपना असली नाम अनुज कुमार बताया और बताया कि वह हिंदू हरिजन बिरादरी से है।

ये भी पढ़ें :  प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक बीज नीति तैयार करें: मुख्यमंत्री

बालक ने बताया कि मुर्शीद और उसके पिता रियासत अली, जो कबाड़ी का काम करते हैं, उसे बहलाकर अपने साथ ले आए थे। वे उसे अफीफा रेस्टोरेंट में काम करने के लिए रखे थे। एक दिन रेस्टोरेंट के मालिक ने उससे उसके परिवार के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि उसका परिवार नहीं है। उसके बाद उसे अस्पताल ले जाकर उसके लिंग के ऊपरी भाग की स्किन काटी गई और उसका इलाज किया गया। बालक को यह बताया गया कि अब से उसका नाम नूर मोहम्मद होगा और वह मुस्लिम धर्म को अपनाएगा। इसके बाद वह लोग थाने पहुंचे और तहरीर दी।

तहरीर के आधार पर पुलिस ने धर्म परिवर्तन और शारीरिक शोषण के आरोप में तीन लोगों मुर्शीद, उसके पिता रियासत अली और अफीफा रेस्टोरेंट के मालिक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है। इसके बाद बाराबंकी पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड आजमगढ़ को मामला प्रेषित कर दिया। शुक्रवार को उक्त किशोर अपना बयान दर्ज कराने के लिए किशोर न्याय बोर्ड पहुंचा। इस दौरान उसने आप बीती बताई।

ये भी पढ़ें :  MP में प्रशासनिक हलचल, 10 IAS अफसरों के हुए तबादले – जानिए किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी

इस संबंध में किशोर न्याय बोर्ड के बेंच आफ मजिस्ट्रेट अखिलेश सिंह ने बताया कि एक मामला आया है पुलिस लेकर आई है वह बच्चा बिना बताए घर से भाग गया था। बच्चे ने बताया कि मुर्शीद नाम के लड़के से उसकी दोस्ती हो गई थी वही उसे बहला फुसलाकर काम दिलाने के बहाने बाराबंकी लेकर चला गया। मुर्शीद ने इस बच्चे को एक होटल में काम दिलवा दिया। फिर उसका खतना करवाकर मुस्लिम बना दिया गया। जिस होटल में यह बच्चा काम करता था कुछ लोग वहां खाना खाने गए थे बच्चे ने आपबीती बताई।

इसके बाद बाराबंकी में तीन लोगों के खिलाफ एससी एसटी का मुकदमा दर्ज किया गया। यह बच्चा डेढ़ महीने बाल सुधार गृह में था । उसके बाद पुलिस लेकर यहां आई है। बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है। उनका एक बच्चे की काउंसलिंग की गई है। बच्चा चूंकी अभी डरा हुआ है इसलिए पूरी बात नहीं बता रहा है लेकिन बच्चे के धर्म परिवर्तन के पीछे कोई एक बड़ा गैंग काम कर रहा है इसकी संभावना है।

ये भी पढ़ें :  देश की प्रथम एमएनसीयू का मध्यप्रदेश के चिकित्सकीय दल ने किया अध्ययन

इस पूरे मामले में चाइल्ड कमेटी के चेयरमैन रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि बाराबंकी में मुकदमा दर्ज हुआ है। जिले का मामला होने के कारण बाराबंकी से इसे हमारे यहां ट्रांसफर किया गया है। इसमें लड़के का धर्म परिवर्तन कराकर खतना करने और नमाज पढ़वाने का आरोप है। आज किशोर को इस मामले में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था।

Share

क्लिक करके इन्हें भी पढ़ें

Leave a Comment